जा रहा हूँ दूर जीवन से हार कर
रो रही है आँख तुझको पुकार कर।
मैं नहीं हैरान दस्तूर है यही
क्यों रखूँ उम्मीद सच को बिसार कर।
जिंदगी को एक आजाद मोड़ दो
जो मिले दिलदार कहना कि प्यार कर।
जिंदगी में जो मुलाकात हो कभी
फेर लेना पीठ माजी बिसार कर।
ये तिरे जज्बात जंजाल हैं बने
कर नई शुरुआत अहसास मार कर।
jhwuqbznyr

